कलावा पहनकर सरकारी परीक्षा केंद्रो में जाना वर्जित क्यों हो गया है? जानिए वजह

परीक्षा देने से पहले हिन्दुओ की धार्मिक भावनाओं को कुचलते हुए युवाओ के हाथ से कलावे को कैंची और चाकू से काट कर कूड़ेदान में फेंक दिया जाता है।

🟩👉🏻 देश मे रेलवे की परीक्षा चल रही है, जिसे कंप्यूटर द्वारा TCS iON आयोजित करवा रहा है, इनके हर केंद्रों के बाहर लाखो हिन्दुओ युवाओ के कलावे उतरवा दिए गए। केवल रेलवे के नही बल्कि अन्य केंद्रीय और राज्य की सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में भी यही हो रहा है।😔

🟦👉🏻 क्या देश मे हिन्दुओ को धार्मिक स्वंत्रता का अधिकार नही है क्या? आखिर धार्मिक धागे से नकल का कैसा डर? क्या कोई बता सकता है? सुहागनों पर मंगल सूत्र उतारने का दबाव बनाया जाता है, इसी चलते बहुत सी हिन्दू महिलाओ ने परीक्षा नही दी, क्या यह नियम टोपी और बुर्के पर भी लागू होंगे?

🟥👉🏻 हम सभी को इस अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना चाहिए, परीक्षा केंद्रों पर अगर आप पर कोई कलावा काटने का दबाव बनाये तो उनसे लिखित में मांगे कि कलावे न काटने पर परीक्षा नही देना गया, मांगे उनसे।

🟨👉🏻 सरकार को इसके लिए एक गाइडलाइन जारी करनी चाहिए, जिसमे हिन्दुओ के धार्मिक पहचान , आस्था और अधिकार को भी स्थान देना चाहिए।

🟪👉🏻 कलावा का हमारे धर्म और शास्त्रों में बहुत महत्व है, किसी भी विशेष धार्मिक स्थान पर जाने पर व पूजा के बाद हमारे हाथों में कलावा बांधा जाता है, उसके उतारने की भी एक विधि हैं, पर परीक्षा केंद्रों के बाद तालिबानी कृत्य करते हुए, हाथों से कलावा काट कर कूड़ेदान में डाल दिया जाता है, यह कहा तक उचित है?

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