करवा चौथ वाले दिन चाँद की पूजा क्यों की जाती है? जानिए

करवा चौथ वाले दिन चंद्रमा के दर्शन करना अति आवश्यक होता है। इस दिन सभी को चंद्रमा के निकलने का बेहद इंतजार रहता है।क्योंकि यह व्रत महिलाएं चंद्रमा का दर्शन करके ही खोलती हैं।

इस दिन महिलाएं पूरा दिन कुछ ना खाकर अपने पति की लंबी उम्र के लिए भगवान से प्रार्थना करती हैं।यह व्रत कार्तिक मास की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है।

शाम को महिलाएं मां पार्वती ,भगवान शिव, भगवान कार्तिकेय और गणेश जी की पूजा करती हैं।इनकी पूजा के बिना यह व्रत अधूरा माना जाता है। शाम के समय चंद्रमा के दर्शन करके महिलाएं अपना व्रत खोलती हैं।

करवा चौथ के व्रत वाले दिन महिलाएं पहले छलनी से चंद्रमा को और फिर अपने पति को देखती हैं। मान्यता है कि पतिव्रता स्त्री से कोई छल ना करें इसीलिए छलनी से चांद को देखा जाता है। ताकि महिलाओं का व्रत किसी भी प्रकार से भंग ना हो।

चांद की पूजा क्यों की जाती है-

हिंदू मान्यताओं के अनुसार चांद को भगवान ब्रह्मा का रूप माना जाता है और भगवान ब्रह्मा को दीर्घायु का वरदान मिला हुआ है। चंद्रमा में सुंदरता के और लंबी आयु के सभी गुण पाए जाते हैं। इसलिए महिलाएं चंद्रमा को देख कर ही अपना व्रत खोलती हैं ताकि यह सभी गुण उनके पति में भी आ जाएं।

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