इस मंदिर में हर महीने में 2 या 3 बार स्वयं करती है देवी माँ अग्नि से स्नान, जिसे देख दुनिया होती है हैरान

मेवाड़ के सबसे प्रमुख शक्तिपीठों में से एक ईडाणा माता मंदिर जिसकी ख्याति पुरे मेवाड़ में फैली हुई है | कहते है की यहा की शक्ति माँ स्वयं अग्नि प्रज्वलित कर स्नान करती है | इसके साथ ही यह भी मान्यता है की लकवा से पीड़ित व्यक्ति यहा माँ के दरबार में आकर काफी हद तक ठीक भी हो जाते है |माँ के दरबार में नवरात्रों को भारी भीड़ रहती है |

कब करती है माँ अग्नि से स्नान :

यहा के पुजारियों के अनुसार देवी माँ एक माह में दो या तीन बार अग्नि से स्वतः ही स्नान करती है | अग्नि स्नान के दौरान देवी माँ के पहने हुए वस्त्र भस्म हो जाते है जो स्नान के बाद नए वस्त्र पहना दिए जाते है | इसी अग्नि स्नान के कारण आज तक माँ का सम्पूर्ण मंदिर नही बन पाया है | माँ के दर्शन वाली जगह के पीछे बहुत सारे त्रिशूल लगे हुए है |

भक्त जिनकी माता मन्नात पूरी करती हैं। इस मंदिर में दिल सुन चढ़ा कर जाते हैं जिन भक्तों की मां झोली भर देती है वह मां के दरबार में झूला भी भेंट करके जाते हैं यह मां करती है लकवे का इलाज मां इंद्राणी जिनको लकवा होता है उनको उधर से ठीक कर देती है वह है यहां लकड़ी या धातु के अनचाहे जाते हैं यह मंदिर 24 घंटे दर्शन के लिए खुला रहता है लकवे से परेशान व्यक्ति यहां रात भर माता के दरबार में रुकता है और उसका लकवा ठीक हो जाता है ऐसी मानता है

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