इस जगह को माना जाता है ‘नागलोक का द्वार’, होता है भयानक सर्पों का बसेरा

हमारे धर्म में कई लोकों की चर्चा की गई है। नागलोक को भी एक अलग लोक माना गया है। नागलोक में सड़कों का बसेरा होता है। यह सर्प इतने घातक हैं कि कुछ ही समय में व्यक्ति की जान ले सकते हैं।

छत्तीसगढ़ के जशपुरनगर जिले के फरसाबहार तहसील में एक गुफा नामक स्थान है, कोतेबीरा धाम। इस जगह को नागलोक का द्वार माना जाता है। माना जाता है कि इस जगह से जाने वाली गुफा नागलोक में प्रवेश करती है। यह तथ्य इसलिए लिया जाता है क्योंकि यहां पर भयानक सर्पों का बसेरा है। गुफा में भयंकर विषधारी सर्प निवास करते हैं। कोतेबीरा धाम एक शिवधाम है।

इस जगह पर अब भी प्रत्येक महाशिवरात्रि पर कई सांप आते हैं। यह सांप कुछ समय तक शिवलिंग से लिपटते हैं और वापस चले जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि यह सांप देवदूत का रूप हैं। इन सांपों के बारे में कई तरह की मान्यताएं अब अभी प्रचलित हैं।

इस जगह पर अधिकतर मौतें सांपों के काटने की वजह से ही होती हैं। पिछले वर्ष से यहां पर लगभग 58 मौतें सांप के काटने की वजह से हुई हैं। इस जगह पर किंग कोबरा और करैत जैसे विषधर निवास करते हैं। यह सांप एक ही बार में काटने से व्यक्ति की जान ले सकते हैं।

यहां पर होने वाली अधिकतर मौतों का कारण लोगों की जागरूकता में कमी और क्षेत्र में पाए जाने वाली मेडिकल सुविधाओं की कमी है। यहां पर लोगों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता है, जिसके कारण इन लोगों की मौत हो जाती है। यहां के लोग मेडिकल सुविधाओं की बजाए अन्य उपचार में विश्वास करते हैं। मैडिकल सुविधाओं में कमी और झाड़ फूंक में अधिक विश्वास करने के कारण, यहाँ पर लोगों की अक्सर मौतें हो जाती हैं। सर्पों के काटने के पश्चात यदि समय पर उपचार मिल जाए तो व्यक्ति के बचने की सम्भावना बढ जाती है।

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