आखिर सिकंदर किस वजह से मरा था? जानिए सिकंदर की मृत्यु के 4 कारण

दूनिया के राजे सिकंदर की मृत्यु और इससे जुड़ी घटनाएँ शुरू से ही इतिहासकारों के बीच बहस का विषय रही हैं।

बेबीलोन की खगोलिय डायरी के अनुसार सिकंदर की मृत्यु 323 ईसापूर्व में 10 जून से 11 जून की शाम के बीच हुई थी। उस समय उसकी उम्र 32 साल थी। यह घटना बेबीलोन शहर के एक महल में हुई थी।

सिकंदर की मृत्यु का समाचार सुनकर उसके यवन लोग शौक में डूब गए। कइयों ने अपने सिर तक मुंडवा लिए।

सिकंदर की मौत क्यों हुई थी? इस रहस्य को लेकर इतिहासकारों की अलग-अलग राय है। इस लेख में हमने उन सभी विचारों को विस्तार से पेश किया है।

जब सिकंदर पंजाब में था, तो उसका परिचय एक हिन्दू नागा साधू होता है। उसकी दार्शनिक बातों से सिकंदर और उसके यवन लोग काफी ज्यादा प्रभावित होते हैं। उसे यवन लोग कलानोस के नाम से संबोधित करते हैं। कलानोस सिकंदर का वापसी के समय सिकंदर के अनुरोध पर उसके साथ चलता है। उस समय उसकी उम्र 73 साल की होती है।

जब कलानोस सिकंदर के काफ़िले के साथ ईरान को पार कर रहा होता है, तो वहां का मौसम और लगातार यात्रा की थकावट उसके शरीर को बहुत कमज़ोर कर देते हैं। वो सिकंदर को अवगत करवाता है कि वो इस तरह रहने की बजाय मृत्यु को पसंद करेगा। वो अग्नि में समाधि लेकर मृत्यु को प्राप्त करना चाहता था।

सिकंदर कलानोस को ऐसा ना करने के लिए काफी दबाव बनाता है। पर कलानोस समाधि लेने की ठान लेता है।

कलानोस की जिद को मानते हुए सिकंदर उसे सभी अनुष्ठान और रस्में करने में सहायता देता है जो उसे चाहिए थी। अग्नि में समाधि लेने से पहले कलानोस सिकंदर को यह शब्द कहता है-

बेबीलोन की खगोलिय डायरी के अनुसार सिकंदर की मृत्यु 323 ईसापूर्व में 10 जून से 11 जून की शाम के बीच हुई थी। उस समय उसकी उम्र 32 साल थी। यह घटना बेबीलोन शहर के एक महल में हुई थी।

सिकंदर की मृत्यु का समाचार सुनकर उसके यवन लोग शौक में डूब गए। कइयों ने अपने सिर तक मुंडवा लिए।

सिकंदर की मौत क्यों हुई थी? इस रहस्य को लेकर इतिहासकारों की अलग-अलग राय है। इस लेख में हमने उन सभी विचारों को विस्तार से पेश किया है।

Table of Contents
पृष्ठभूमि
कलानोस ने की थी सिकंदर की मौत की भविष्यवाणी
सिकंदर की मौत के कारण
क्या मलेरिया था सिकंदर की मौत का कारण
क्या सिकंदर को किसी ने जहर दिया था?
नील बुखार
क्या जन्म से सिकंदर की गर्दन में विक़ार था?
निष्कर्ष
पृष्ठभूमि
फरवरी 323 ईसापूर्व में सिकंदर अपनी सेना को बेबीलोन की तरफ कूच करने का आदेश देता है।

इतिहासकार एरियन (Arrian) के अनुसार, दजला नदी (टाइग्रिस/Tigris River) पार करने के बाद सिकंदर को कसदी जनजाति (Chaldeans) के लोग मिलते हैं, जो सिकंदर को बेबीलोन शहर में ना जाने की सलाह देते हैं, क्योंकि उनकी देवी बेल (Bel) के अनुसार अगर सिकंदर ऐसा करता है, तो यह उसके लिए विनाशकारी साबित होगा। कसदी लोग उसे यह भी कहते हैं कि क्योंकि वो पश्चिम की ओर बढ़ रहा है, इसलिए वो अगले कुछ दिन तक डूबते सूरज को देखेगा, जो कि पतन का एक चिन्ह है।

एरियन यह भी कहता है कि सिकंदर उनकी सलाह मान लेता है और बेबीलोन में शाही मार्ग के जरिए प्रवेश करने का निर्णय लेता है जो कि शहर के पश्चिम की तरफ होता है। इस तरह से शहर में प्रवेश करते वक्त उसका मुंह पूर्व की ओर होगा।

पर शहर में पश्चिम की ओर से दाखिल होने का निर्णय बुरा साबित होता है, क्योंकि इसके लिए उन्हें एक दलदली इलाके से गुजरना पड़ता है। इस दलदली इलाके के कारण सिकंदर के पूरे काफ़िले को काफी दिक्कतें आती हैं।

कलानोस ने की थी सिकंदर की मौत की भविष्यवाणी
जब सिकंदर पंजाब में था, तो उसका परिचय एक हिन्दू नागा साधू होता है। उसकी दार्शनिक बातों से सिकंदर और उसके यवन लोग काफी ज्यादा प्रभावित होते हैं। उसे यवन लोग कलानोस के नाम से संबोधित करते हैं। कलानोस सिकंदर का वापसी के समय सिकंदर के अनुरोध पर उसके साथ चलता है। उस समय उसकी उम्र 73 साल की होती है।

जब कलानोस सिकंदर के काफ़िले के साथ ईरान को पार कर रहा होता है, तो वहां का मौसम और लगातार यात्रा की थकावट उसके शरीर को बहुत कमज़ोर कर देते हैं। वो सिकंदर को अवगत करवाता है कि वो इस तरह रहने की बजाय मृत्यु को पसंद करेगा। वो अग्नि में समाधि लेकर मृत्यु को प्राप्त करना चाहता था।

सिकंदर कलानोस को ऐसा ना करने के लिए काफी दबाव बनाता है। पर कलानोस समाधि लेने की ठान लेता है।

कलानोस की जिद को मानते हुए सिकंदर उसे सभी अनुष्ठान और रस्में करने में सहायता देता है जो उसे चाहिए थी। अग्नि में समाधि लेने से पहले कलानोस सिकंदर को यह शब्द कहता है-

हम बेबीलोन में मिलेंगे।

शुरू में यवन लोग कलानोस के इन शब्दों को नहीं समझ पाए थे। लेकिन जब बेबीलोन शहर पहुँचकर सिकंदर की मृत्यु हो जाती है, तो यवनो को अहसास होता है कि दरअसल कलानोस के यह शब्द सिकंदर की मृत्यु की भविष्यवाणी थे।

कलानोस की समाधि की यह घटना 323 ईसा-पूर्व में ईरान के सूसा (Susa) शहर में घटती है। कलानोस का जिक्र सिकंदर का इतिहास लिखने वाले कई इतिहासकारों द्वारा किया गया है।

सिकंदर की मौत किस कारण से हुई थी? इस बारे में कोई ठोस ओर विश्वसनीय जानकारी मौजूद नहीं है। लेकिन सिकंदर का इतिहास लिखने वाले और उस पर शोध करने वालो ने उसकी मौत को लेकर अलग-अलग कारण बताएं हैं, जिनके बारे में नीचे बताया गया है-

क्या मलेरिया था सिकंदर की मौत का कारण
1998 में अमेरिका की University of Maryland School ने सिकंदर की मौत को लेकर एक medical report प्रकाशित की थी, जिसके अनुसार शायद सिकंदर टाइफाइट बुखार की वजह से मरा था। उसे शायद मलेरिया भी था, जो प्राचीन बेबीलोन में एक आम बीमारी थी।

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