अब तक पहेली बना हुआ है चीन में ‘बौनों का एक गाँव’

20000 इंसानों में से एक बौना होता है जो की आबादी का बहुत कम प्रतिशत है. परन्तु चीन के शिचुआन प्रान्त के यांग्सी नामक गाँव की कहानी जो कोई जनता है वो हैरान रह जाता है. इस गाँव में यहाँ की कुल आबादी के लगभग 40 से 45% तक की आबादी बौनी है, जिनकी लम्बाई 2 से 3 फीट के बीच है. एक ही गाँव में इतनी अधिक संख्या में बौने होने के कारण इस गाँव को ‘बौनों का गाँव’ नाम से जाना जाता है.

इतनी अधिक संख्या में बौने होने के रहस्य को सुलझाने यहाँ समय-समय पर देश-विदेश से कई वैज्ञानिकों की टीम आ चुकी है पर आज तक इस रहस्य से पर्दा नही उठ पाया है. गाँव के बुजुर्गो का कहना है कि उनकी खुशहाल एवं सुकून भरी जिन्दगी दशकों पहले समाप्त हो गयी जब गाँव को इस खतरनाक बीमारी ने अपनी चपेट में ले लिया. यह बीमारी 5 से 7 साल की उम्र में बच्चों को अपनी गिरफ्त में ले लेती है उर तब से उनका विकास रुक जाता है और ताउम्र वो इतनी ही लम्बाई के रहते हैं.

इस गाँव में 1911 से बौनों को देखे जाने की बात होती है. 1947 में एक अंग्रेज अधिकारी ने यहाँ सैकड़ो बौने देखे जाने की बात कही. आधिकारिक रूप से यहाँ इस बीमारी का पता 1985 में चला, जब प्रशासन को पीड़ितों के अंग छोटे होने की शिकायत मिली. बौने होने के डर से कई लोगों ने गाँव छोड़ दिया, ताकि इस बीमारी के लक्षण उनके बच्चों में न आए.

हालाँकि 60 साल बाद आसार थोड़े सुधरते दिख रहे हैं. नयी पीढ़ी में इसका असर कम दिख रहा है. परन्तु 60 साल में भी यह पहेली अनसुलझी रह गयी और बौने होने के रहस्यों से पर्दा नहीं उठ पाया.

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