अपने डेबिट और क्रेडिट कार्ड में होने वाली ठगी से इस प्रकार बचे,जानिए

आजकल के समय में कैशलेस ट्रांजैक्शन से पेमेंट करने का चलन बढ़ता जा रहा है। लोग शॉपिंग मोबाइल रिचार्ज और बिल पे करने के साथ साथ लेकर दूसरों को पैसे भेजने का काम डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से करते हैं। जैसे-जैसे लोग डेबिट या क्रेडिट कार्ड का उपयोग अपने जीवन में बढ़ाते जा रहे हैं वैसे वैसे वह ठगी के शिकार भी होते जा रहे हैं।

डेबिट अथवा क्रेडिट कार्ड के माध्यम से हुए फ्रॉड की शिकायत पुलिस के पास सैकड़ों की संख्या में रोज आ रही है । लोग डेबिट और क्रेडिट कार्ड का उपयोग सावधानी से ना करने के कारण धोखाधड़ी के शिकार हो रहे हैं। जिससे लोगों का बैंक अकाउंट सुरक्षित नहीं रह जाता है। चलिए हम जानते हैं कि डेबिट या क्रेडिट कार्ड से आपके साथ भी कोई ठगी हो जाए तो उसकी शिकायत आप कैसे करें।

मान लीजिए आपको लगता है कि आपके डेबिट और क्रेडिट कार्ड से कोई संदिग्ध बैंक ट्रांजैक्शन हुआ है तो इसकी रिपोर्ट अपने बैंक और पुलिस स्टेशन को करनी चाहिए। इसके बाद डेबिट अथवा क्रेडिट कार्ड को ब्लॉक अपने बैंक के टोल फ्री नंबर के द्वारा कर देना चाहिए। हर बैंक का एक टोल फ्री नंबर अवश्य होता है। बैंक का जो भी ट्रांजैक्शन आपको संदिग्ध लगी उसकी रिपोर्ट पुलिस के साइबर क्राइम विभाग में कर देनी चाहिए।

जब भी आप अपने डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड द्वारा की गई धोखाधड़ी की रिपोर्ट लिखाने पुलिस स्टेशन जाए आपके पास यह डॉक्यूमेंट अवश्य होनी चाहिए। अपने बैंक अकाउंट के 6 महीने का डाटा अवश्य लेकर जाएं।

इसके अलावा जिस ट्रांजैक्शन पर आपको शक है। उसका ट्रांजैक्शन नंबर और बैंक पासबुक की एक फोटो कॉपी अवश्य ले।

अपना पहचान पत्र और एड्रेस प्रूफ की फोटो कॉपी अपने साथ लेकर की जाए। फिर अपने इलाके के पुलिस स्टेशन में जाकर अपनी क्रेडिट अथवा डेबिट कार्ड सेव माध्यम से हुए फ्रॉड की जानकारी दें।

ऐप के माध्यम से धोखाधड़ी

आजकल कई साइबर ठग लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाने के लिए बैंक अथवा कंपनियों के ऐप से मिलता जुलता एप लॉन्च कर देते हैं। यदि आपके साथ किसी ऐप के माध्यम से पैसे के लेनदेन में धोखा हुआ है तो सबसे पहले उस ऐप कि उस ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट ले ले। इसके बाद उस ऐप को आपने किस प्लेटफार्म से डाउनलोड किया है । इसकी जानकारी पुलिस के साइबर विभाग को दें। जिससेआपकी लोकल पुलिस को उस ऐप के खिलाफ एक्शन लेने में मदद मिलेगी।

यदि आप डेबिट अथवा क्रेडिट कार्ड से का तो कभी भी किसी को ओटीपी, डेबिट क्रेडिट कार्ड का सीवीवी नंबर, एक्सपायरी डेट, अथवा एटीएम पिन की जानकारी भूल से भी किसी को ना दे। क्योंकि यह आवश्यक जानकारियां पता करने के बाद कोई भी आपके बैंक से आसानी से पैसा निकाल सकता है।

समय-समय पर अपने डेबिट कार्ड अथवा क्रेडिट कार्ड का पिन नंबर अवश्य बदलते रहे। यदि आप ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते हैं तो ऑनलाइन पासवर्ड भी बदलते रहे। समय-समय पर अपनी पासबुक को अपडेट कराना ना भूले अपनी बैंक से एसएमएस अलर्ट जरूर करवाएं। इस प्रकार आप किसी ऐप डेबिट कार्ड अथवा क्रेडिट कार्ड के माध्यम से होने वागी धोखाधड़ी से बच जाएंगे

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