अपनी अंगुलियों की चुटकी से सिर फोड़खर हत्या करने वाला “कनपटी फोड़ शंकर” के रोचक किस्से क्या हैं?

कनपटीमार के रोचक किस्से

कनपटीमार शंकरिया का जन्म 1952 में राजस्थान के जयपुर में हुआ था.

शंकरिया ने 1977 से 1978 के बीच करीब 70 लोगों को अपना शिकार बनाया था.

वह अपने शिकार को मारने के लिए फिल्मी स्टाइल में उन पर हथौड़े से हमला करता था.

पुलिस द्वारा गिरफ्तार होने के बाद उसने कहा कि लोगों को हथौड़े से मारने में उसे मजा आता है.

वह शिकार के गर्दन के नीचे कान के पास हथौ़ड़े से वार करता था, इसीलिए उसे कनपटीमार कहते थे.

वह अक्सर देर रात तक घूमने वाले लोगों पर ही हमला करता था.

शंकरिया कंबल ओढ़ कर बैठा रहता था. रास्ते जा रहे व्यक्ति पर अचानक हमला कर देता था.

16 मई 1979 को उसे फांसी दे दी गई थी. उस वक्त शंकरिया की उम्र महज 27 साल ही थी.

जेल में रहने के दौरान उसे अपनी गलती का अहसास हो गया था.

उसने कहा था, ‘मैंने बेवजह ही हत्याएं की हैं, किसी को भी मेरी तरह नहीं बनना चाहिए.’

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