अंधविश्वास के नाम पर इस गांव में महिलाओं के साथ होती है शर्मनाक हरकत, देखकर आएगा गुस्सा

भले ही एक स्‍वतंत्र भारत के 21 वीं सदी में निवास कर रहे हैं ,/लेकिन आज भी इस देश में कई जगहें ऐसी भी हैं जहां अंधविश्‍वास के कारण कई लोगों की जीवन बद से भी बद्त्‍तर हो गई है। वैसे कहने के लिए तो इस देश में सभी को एक समान अधिकार प्राप्‍त हैं !चाहें वो लड़का हो या फिर लड़की लेकिन ऐसा होता नहीं है+

वहीं आपको ये भी पता है कि आज की लड़कियां कहाँ से कहाँ पहुंच गयीं है, /मगर वहीँ कुछ जगहें ऐसी भी हैं जहाँ की महिलाएं आज भी पुरुषों की पैरों की जूती बनी हुई हैं।

आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बता रहे हैं /जहाँ आज भी महिलाएं अन्धविश्वास में जी रही हैं |और वे सभी पानी पीने के लिए गिलास का प्रयोग नहीं बल्कि अपने पतियों के जूते से पानी पीती हैं। जी हां ये सुनकर शायद आपको विश्‍वास न हो रहा हो कि आज के जमाने में भला ऐसा कौन करता होगा लेकिन ये सच है। [ऐसा नजारा आपको राजस्‍थान के भीलवाड़ा इलाके में देखने को मिल]

भीलवाड़ा में बंकाया माता मंदिर नाम का एक बड़ा ही मशहूर मंदिर है \जहाँ महिलाओं के साथ पुजारी भूत-प्रेत को भगाने के बहाने बड़ी ही क्रूरता के साथ पेश आते हैं |अगर आप इस मंदिर में महिलाओं के साथ हो रहे •

अत्याचार को देख लेंगे तो आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। जी हां यहां आपको देखने को मिलेगा कि कैसे तांत्रिक पुजारी भूत प्रेत भगाने के नाम पर महिलाओं को मारते-पीटते भी हैं और शर्मनाक हरकत भी करते हैं। दरअसल ये पूजारी भूत भगाने के लिए उन महिलाओं के सर पर मर्दों के गंदे जूते रखकर कई किलोमीटर तक चलवाते हैं और उन्‍हें न चाहते हुए भी ऐसा करना पड़ता है।

जिस वक्त ये महिलाएं जूते को अपने मुंह में दबाकर गावों की गलियों से गुज़रती हैं और उस वक्त गाँव के बच्चे उन्हें देखकर हंसते हैं। प्रथा के नाम पर ऐसा किया जाता है लेकिन अगर वहीं वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो ज़रा सोचिये क्‍या होता है उन महिलाओं के साथ जिस जूते को हम पहनते हैं, जिसमें कितनी सारी गंदगी लिपटी रहती है उसे वो अपने मुह में दबाकर पूरे गाँव में घूमती हैं।

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